बॉलीवुड का सिर्फ एक ही भाई है सलमान खान, जो फैंस के लिए वाकई जान से कम नहीं है. लेकिन हैरानी की बात ये है कि किसी का भाई किसी की जान फिल्म के लिए मेकर्स की पहली पसंद कभी सलमान खान थे ही नहीं. इस फिल्म के लिए मेकर्स पहले अक्षय कुमार को लेना चाहते थे. फिल्म अगर तयशुदा वक्त पर शूट होना शुरू हो जाती तो शायद बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार अक्षय कुमार ही फिल्म में दिखाई देते. फिर कैसे अक्षय कुमार का नाम गायब हुआ और सलमान खान इसका हिस्सा बन गए, वो भी जान लीजिए.
ऐसे आया ट्विस्ट
फिल्म किसी का भाई किसी की जान की कहानी में जितने ट्विस्ट हैं, उतने ही ट्विस्ट फिल्म बनने में भी हैं. फिल्म के मेकर फरहाद सामजी साल 2014 से इस फिल्म को बनाने की कोशिश में है. शुरूआत तमिल फिल्म वीरम के रीमेक से हुई, जिसमें अक्षय कुमार को लेने की प्लानिंग थी. इसके बाद फिल्म की स्क्रिप्ट और आइडिएशन पर चर्चा शुरू हुई. उसके बाद कहानी में साल दर साल इतने बदलाव हुए कि सितारों से लेकर कहानी तक सब बदल गया.
अक्षय बने पांडे, सलमान बने भाईजान
चर्चाओं का दौर इतना चला कि अक्षय कुमार का लुक पूरी तरह से बदल गया, जिसके बाद वीरम की रीमेक का ख्याल छोड़कर मेकर्स तमिल फिल्म जिगरठंडाक की रीमेक में जुट गए. इसी फिल्म में अक्षय कुमार बच्चन पांडे के रोल में दिखे और फिल्म को भी यही नाम मिला. इस वजह से दूसरी फिल्म के लिए मेकर्स ने सलमान खान को चुना. ये फिल्म पहले कभी ईद कभी दिवाली के नाम से रिलीज होने वाली थी, लेकिन बदलाव का सिलसिला आगे भी जारी रहा और फिल्म कभी ईद कभी दिवाली की जगह किसी का भाई किसी की जान नाम से रिलीज हुई.
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